सोनिया गांधी पहली बार सोशल मीडिया पर, इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया:नई किताब का वीडियो शेयर किया; 3 घंटे में 59 हजार लाइक, 13 हजार फॉलोअर्स
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने गुरुवार को पहली बार अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में आने वाली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का वीडियो शेयर किया। यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। सोनिया ने पहली पोस्ट गुरुवार सुबह करीब 9 बजे की थी। 12 बजे तक 59 हजार लोगों ने इसे लाइक किया। 13 हजार लोग फॉलोअर्स हैं। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम के जरिए जेन-जी यानी नई पीढ़ी तक पहुंचने की कोशिश की है। DataReportal की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 के अंत तक भारत में इंस्टाग्राम के 48.1 करोड़ यूजर्स थे। इनमें करीब 25 करोड़ जेन-जी होने का अनुमान है। आज युवा रील्स और वीडियो के जरिए इंस्टाग्राम पर अपनी बात रखते हैं। ऐसे में सोनिया गांधी इस प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक अपने विचार पहुंचा सकती हैं। हालांकि, उन्होंने जेन-जी से जुड़ने के मकसद से ही अकाउंट बनाया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्ट किए गए वीडियो में 2 तस्वीरें सोनिया अकाउंट पर 3 लोगों को फॉलो कर रही सोनिया ने पोस्ट में लिखा कि नमस्कार, मैं अपनी किताब आप सभी के साथ साझा करके खुश हूं। यह प्यार, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आप सबके साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं। गुरुवार सुबह 11 बजे तक सोनिया गांधी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे। वहीं, सोनिया गांधी अपने अकाउंट से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडियन नेशनल कांग्रेस को फॉलो कर रही हैं। किताब में कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात का जिक्र किया किताब में सोनिया अपने राजनीति में सफर और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले से जुड़े अनुभव बताएंगी। किताब में सोनिया ने इटली में बिताए बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात तक का जिक्र किया है। इसमें नेहरू-गांधी परिवार में शादी और परिवार में हुई हत्याओं के बाद बदली जिंदगी के बारे में लिखा है। सोनिया ने लिखा- यह किताब परिवार की इंसानियत को समर्पित सोनिया ने कहा कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके इरादों, काम और मानवीय पहलुओं को उस तरह नहीं समझा गया। कई मायनों में यह किताब उनकी इंसानियत को समर्पित है। उनके मुताबिक, किताब उनके जीवन के साथ-साथ भारत में करीब छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया भी देती है। जब मैंने राजनीति से कुछ दूरी बनाकर पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखा, तो मुझे अपनी कहानी में प्यार और वफादारी का एक धागा साफ नजर आया। यह धागा इटली के एक छोटे शहर में बिताए साधारण बचपन से शुरू होकर भारत में राजीव गांधी की पत्नी और इंदिरा गांधी की बहू के रूप में बिताए तक जाता है। कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी से हुई थी मुलाकात पति की हत्या के बाद भी सियासत से दूर ही रहीं 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर रहीं। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर होने लगी और पार्टी में कई गुट बन गए। 1997 में कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सोनिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 62 दिन बाद 1998 में वे कांग्रेस अध्यक्ष बन गईं। सोनिया 2017 तक अध्यक्ष रहीं, जो पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है। 2004 में PM की कुर्सी ठुकराई थी 2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। हालांकि, NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी। सोनिया की जगह मनमोहन के पीएम बनने पर संजय बारू लिख चुके किताब डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू ने 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' नाम से किताब लिखी थी, बाद में इस पर फिल्म भी बनी। इसमें सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने से पीछे हटने और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद का घटनाक्रम बताया गया है। --------------- ये खबर भी पढ़ें… सोनिया गांधी के वोटर विवाद में कोर्ट ने फैसला पलटा:नए सिरे से सुनवाई होगी; आरोप- 1983 में नागरिकता मिली, 1980 में मतदाता बनीं दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर्स केस में मजिस्ट्रेट कोर्ट का एक साल पुराना फैसला पलट दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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