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खबर हटके- CCTV को चकमा देने वाली शर्ट:ऑफिस में छाता-मास्क लगाकर काम कर रहे लोग; बिना नहाए डेट पर जाने का ट्रेंड

जर्मनी में एक ऐसी शर्ट बनी है, जिसे सीसीटीवी कैप्चर नहीं कर पा रहा। वहीं, चीन में लोग बूढ़ा दिखने से बचने के लिए छाता और मास्क लगाकर काम कर रहे हैं। इधर, जेन-जी में बिना नहाए डेट पर जाने का ट्रेंड चल पड़ा है। रूस में एक रोबोट को धक्का देने पर वह लात चलाने लगा। वहीं, यूपी में जन्मदिन पर पार्टी नहीं देने पर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को ₹42 हजार का नोटिस भेज दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…


GDP विवाद पर पीयूष गोयल बोले- आलोचना करने वाले बेरोजगार:लोगों को गुमराह कर रहे; पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने सवाल उठाए थे

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि जो लोग GDP की आलोचना कर रहे हैं, देश में सिर्फ वही बेरोजगार हैं। ये तथ्यों को तोड़-मरोड़कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। गोयल ने यह बात दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) की बैठक में कही। केंद्रीय मंत्री ने पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन का नाम लिए बिना कहा, संभव है कि इनमें पूर्व आरबीआई गवर्नर भी शामिल हों, जो भारत में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। उन्हें आंकड़ों की तुलना करना भी नहीं आता। दरअसल, सोमवार को सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी किए थे, जो 7.8% रही। RBI का अनुमान 7% था। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 6.9% थी। इसके बाद पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने न्यूज एजेंसी PTI से मंगलवार को कहा था कि, “क्या ये GDP के आंकड़े सही हैं? अगर आंकड़े सही नहीं हैं तो पूरी अर्थव्यवस्था पर भी सवाल उठता है।” गोयल बोले- विपक्ष के पास सिर्फ टीवी पैनल पर आने का काम बचा है, 3 बातें… रघुराम राजन ने पूछा था- नौकरियां क्यों नहीं हैं? रघुराम राजन ने मंगलवार को कहा था क...

सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान मौत की जांच CBI करेगी:हाईकोर्ट का आदेश; 2020 में एक्टर की मौत से 6 दिन पहले 14वीं मंजिल से गिरी थीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंप दी। कोर्ट ने यह फैसला दिशा के पिता की याचिका पर सुनाया। इसमें उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद 2023 में इसे दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। तब से जांच जारी है। हाईकोर्ट बोला- वरिष्ठ अधिकारी जांच करे जस्टिस एसवी कोतवाल और आरआर भोसले की बेंच ने 28 अगस्त को दिशा मामले की जांच हत्या के एंगल से कराने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने आज अपने फैसले में CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी को मामले की जांच की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सिर्फ FIR में नाम होने से कोई व्यक्ति आरोपी नहीं माना जाएगा। अगर जांच में ...

सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान मौत की जांच CBI करेगी:हाईकोर्ट का आदेश; 2020 में एक्टर की मौत से 6 दिन पहले 14वीं मंजिल से गिरी थीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। दिशा की मौत के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मृत पाए गए थे। दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी की मौत की नए सिरे से जांच और CBI जांच की मांग की थी। उनका आरोप था कि दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। वहीं, पुलिस अब तक दिशा की मौत को आत्महत्या बताती रही है और उसकी जांच में किसी तरह की गड़बड़ी या यौन हमले के सबूत नहीं मिलने की बात कही है। वकील बोले- आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली समेत कई बड़े नाम FIR में होंगे दिशा के पिता सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने बताया कि कोर्ट ने सतीश सालियान का बयान दर्ज कर उसके आधार पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। FIR के बाद जांच होगी। जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन्हें आरोपी बनाया जाएगा और जिन...

चारधाम यात्रा में अगस्त में 2.31 लाख यात्री पहुंचे:4 साल में सबसे ज्यादा; बद्रीनाथ में सबसे ज्यादा 1.25 लाख श्रद्धालु आए

उत्तराखंड में अगस्त माह में बारिश भूस्खलन के बीच चारधाम यात्रा की रफ्तार ने नया रिकार्ड बनाया है। बीते चार वर्ष में यह पहला मौका है जब अगस्त में चारधाम में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। इस साल बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कुल 2,31,518 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बद्रीनाथ धाम में सबसे ज्यादा 1.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीन साल बाद केदारनाथ में भी इस अगस्त में सबसे ज्यादा शिव भक्त पहुंचे। कोरोनाकाल के बाद अगस्त 2022 में चारधाम में 2 लाख 67 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। इस साल 19 अप्रैल से शुरू उत्तराखंड चारधाम यात्रा की रफ्तार जुलाई में सुस्त रही, लेकिन अगस्त में तेज बारिश, बंद हाईवे और कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बना। चारधाम यात्रा में बीते साल की तुलना में इस बार अगस्त माह में 93,680 और 2024 के मुकाबले 1,18,502 यात्री ज्यादा पहुंचे। हेमकुंड साहिब में भी बीते माह रिकार्ड श्रद्धालु पहुंचे उत्तराखंड में सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में अगस्त 2026 में रिकार्ड 67863 श्रद्धालु पहुंचे...

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR रद्द कीं:नई FIR भी दर्ज नहीं होंगी; कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगा। कोर्ट ने साफ किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन पर केस चलता रहेगा। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस ले लिया है। ये FIR 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद दर्ज की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत लिया सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने कहा कि FIR रद्द करने का फैसला सिर्फ इसी मामले के खास तथ्यों और हालात को देखकर लिया गया है, इसलिए इसे दूसरे मामलों के लिए उदाहरण और बाध्यकारी फैसला नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि संविधान के तहत मिली अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल इस शर्त पर किया जा रहा है कि दोनों पक्ष कोर्ट के सामने हुए समझौते का पूरी तरह पालन करेंगे। CJI सूर्यकांत ने सौरव दास की तारीफ की, कहा-आपने अच्छा कदम उठ...

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR रद्द कीं:नई FIR भी दर्ज नहीं होंगी; कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का फायदा नहीं मिलेगा। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च वापस ले लिया। संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार के आश्वासन और कोर्ट के फैसले के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने सोमवार को दाखिल किया था अंतरिम आवेदन सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिल्ली पुलिस के अंतरिम आवेदन पर सुनाया। अंतरिम आवेदन का मतलब है कि किसी मामले की सुनवाई चल रही हो और उसके दौरान किसी खास मुद्दे पर तुरंत राहत या आदेश की मांग के लिए कोर्ट में अलग से अर्जी दी जाए। इस आवेदन में सरकार ने कहा था कि 25 जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस CJP के प्रदर्शन से जुड़ी 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। यानी इन मामलों में पुलिस अब कार्रवाई जारी रखने के बजाय उन्हें खत्म कर...