NCERT किताब विवाद-सुप्रीम कोर्ट ने 2 महीने पुराना आदेश बदला:'करप्शन इन ज्यूडीशियरी' चैप्टर लिखने वाले नहीं हटाए जाएंगे, कहा- केंद्र-राज्य फैसला करें
NCERT बुक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर हुए विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने पहले दिया फैसला बदल दिया है। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन तीन शिक्षाविदों ने विवादित हिस्सा लिखा। उन्हें हटा दिया जाए और दोबारा काम न दिया जाए। अब शुक्रवार को तीनों शिक्षाविदों की याचिका पर कोर्ट ने आदेश बदलते हुए कहा कि केंद्र, राज्य, यूनिवर्सिटी और सरकारी फंड पाने वाले संस्थान इस मामले में खुद फैसला लें। मामले में जिन 3 शिक्षाविदों का नाम आया था। उनमें प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, सुपर्णा दिवाकर और आलोक प्रसन्न कुमार शामिल हैं। पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इन लोगों ने जानबूझकर तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया और छात्रों के सामने न्यायपालिका की नकारात्मक छवि दिखाई। अब कोर्ट ने यह टिप्पणी वापस ले ली है। अब जानिए पूरा विवाद क्या था… NCERT ने 23 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक जारी की थी। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसा...