हाइकोर्ट बोला-फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से मना करना अपराध:कुंडली ना मिलने का बहाना देकर इनकार नहीं कर सकते, BNS के तहत चार्ज लगाएं
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। जज ने कहा कि आरोपी ने प्रॉसिक्यूटर को बार-बार भरोसा दिलाया था कि उनकी शादी में कोई रुकावट नहीं है, जिसमें कुंडली मैच करना भी शामिल है। आरोपी ने इस आधार पर बेल मांगी कि रिश्ता आपसी सहमति से था, और दोनों एक-दूसरे को आठ साल से जानते थे। वकील ने कहा- रेप का मामला नहीं बनता आवेदक के वकील ने कहा था कि शादी का झूठा बहाना बनाकर रेप करने का मामला नहीं बनता और उसे रेगुलर बेल मिलनी चाहिए। 17 फरवरी को दिए गए अपने ऑर्डर में, कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर ने पहली कंप्लेंट नवंबर 2025 में दर्ज कराई थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा कथित तौर पर शादी का भरोसा दिए जाने पर ही वापस ले ली गई थी, और बाद में कुंडली न मिलने के आधार पर शादी करने से मना कर दिया गया था। मौजूदा FIR जनव...