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राहुल-प्रियंका का CEC ज्ञानेश के खिलाफ लगातार दूसरे दिन धरना:तीसरी बार हिरासत में; राहुल बोले- CEC की नियुक्ति अवैध, इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इस बार दोनों जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ता की सुरक्षाबलों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले राहुल-प्रियंका विपक्षी सांसदों के साथ सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के बाद जंतर-मंतर के लिए निकले थे। लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था। इस लंच में सपा के नेता नहीं पहुंचे। एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। आकाशवाणी परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। विपक्ष का लंच से लेकर हिरासत तक, 9 तस्वीरें… दोपहर- 1:30 बजे दोपहर- 2:00 बजे दोपहर- 2:30 बजे दोपहर- 3:30 बजे शाम- 5:30 बजे शाम...


पुलिस ने राहुल-प्रियंका को धरने से उठाया:प्रियंका बोलीं- मारपीट की गई, कल भी 8 घंटे धरने के बाद हिरासत में लिए गए थे

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के दौरान राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले पुलिस अफसर ने उन्हें समझाने की कोशिश की। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सांसदों को पीटा गया। इससे पहले जनपथ पर सागर रत्ना रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों ने करीब 1:30 घंटा लंच किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को लंच पर बुलाया था। एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। हालांकि परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

मोदी 50 मिनट में 6 बार बोले-वी विल डू इट:कहा- भारत के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा; बतौर PM-CM 25 साल पूरे, रिकॉर्ड बनाया

“वी विल डू इट... हम करके दिखाएंगे।” पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस नारे का 6 बार जिक्र किया। उन्होंने एक घंटा की स्पीच में कहा, “जब तक भारत विकसित नहीं होता, न थकूंगा, न रुकूंगा।” उन्होंने कहा, "वे महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीते हैं। जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।” उन्होंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियों से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र होना सिखाया। उन्होंने ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हो। दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में मोदी

राहुल-प्रियंका ने पुलिस का प्लान कैसे फेल किया:हिरासत के लिए बस में बैठाया, तो उतरकर आकाशवाणी ऑफिस में घुसे; 8 घंटे डटे रहे

SIR के विरोध में मंगलवार को विपक्ष चुनाव आयोग तक सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाल रहा था। पुलिस ने रास्ता रोका, बैरिकेड लगाए और नेताओं को बसों में बैठाकर प्रदर्शन खत्म कराने की तैयारी की। तभी तस्वीर बदल गई। राहुल-प्रियंका गांधी अचानक बस से उतरे गए और आकाशवाणी भवन के अंदर घुस गए। दोनों परिसर के अंदर बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए और पुलिस के प्लान को फेल कर दिया। जो धरना कुछ घंटों में खत्म होने वाला था, वह शाम 8 बजे तक चला। पुलिस को कांग्रेसियों को हटाने में 8 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। सिलसिलेवार पढ़िए राहुल-प्रियंका ने पुलिस का प्लान कैसे फेल किया? 12:20 बजे: राहुल ने अचानक प्लान बदला, किसी को नहीं थी जानकारी यहीं से कहानी पलटी। प्रियंका पहले से पुलिस की बस में बैठी थीं। राहुल भी बस में जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने प्रियंका से बात की और अचानक आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट की तरफ बढ़ गए। उनके पीछे इमरान प्रतापगढ़ी, केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, कुमारी शैलजा भी पीछे-पीछे आ गईं। गेट पर राहुल को गार्ड ने रोका तो वह भड़क गए और धक्का देकर अंदर घुस गए। इसके बाद व...

राहुल-प्रियंका को दिल्ली पुलिस ने 2 घंटे बाद छोड़ा:8 घंटे धरने के बाद हिरासत में लिया था; सुबह CEC के खिलाफ मार्च निकाला था

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे राहुल और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात 10 बजे रिहा कर दिया। पुलिस ने राहुल समेत करीब 250 लोगों को आकाशवाणी परिसर से रात 8 बजे हिरासत में लिया था। राहुल जब पुलिस लाइन से बाहर निकले तो उनके हाथ में संविधान की कॉपी थी। वे दोपहर 12 बजे से CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। चुनाव आयोग ने देर शाम कहा कि राहुल या उनके प्रतिनिधियों ने CEC से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। राहुल की अगुआई में सुबह 10 बजे संसद से विपक्षी दलों का 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' शुरू हुआ था। पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे आकाशवाणी भवन के पास यह मार्च रोक दिया। राहुल-प्रियंका वहीं धरने पर बैठ गए। राहुल ने कहा कि 20 विपक्षी पार्टियों के 300 से ज्यादा सांसदों को CEC से मिलने से रोका गया, यह चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान है। दिल्ली और मुंबई में यह 5 दिन में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का 7वां प्रदर्शन है। दिनभर चले घटनाक्रम की 4 तस्वीरें…

धरने पर बैठे राहुल ज्ञानेश कुमार से मिलने पर अड़े:कहा- सांसदों की बात न सुनना देश का अपमान; 19 पार्टियों का मार्च पुलिस ने रोका

राहुल और प्रियंका गांधी 5 घंटे से ज्यादा समय से दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे हैं। आकाशवाणी से चुनाव आयोग का ऑफिस 270 मीटर दूर है। राहुल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सेव डेमोक्रेसी मार्च में शामिल थे। संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस जा रहे मार्च को पुलिस ने रोका, राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेकर बस में बैठाया, तो वे उतरकर आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे बैठ गए। राहुल ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी में भाजपा की मदद की है, उनसे मिलकर ही जाऊंगा। हमारे साथ 300 सांसद हैं, हमारी बात न सुनना देश का अपमान है।

पुलिस ने विपक्ष का मार्च रोका, राहुल-प्रियंका हिरासत में:कांग्रेस सांसदों ने बस का रास्ता रोका; चुनाव आयोग के खिलाफ 5 दिन में पांचवां प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सांसद सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाल रहे हैं। पुलिस ने ऑल इंडिया रेडियो के बाहर विपक्षी सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया है। राहुल गांधी हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेकर बस में बैठाया है। सांसद सेव डेमोक्रेसी का बैनर लेकर पहुंचे। 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगाए। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश में पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन हो रहा है। दिल्ली में नई संसद से चुनाव आयोग तक के मार्च में AAP और DMK शामिल नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया था कि SIR से 13 करोड़ नाम काटे गए हैं। इससे पहले INDIA गठबंधन ने 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत 25 विपक्षी दल शामिल हुए थे।