भागवत बोले- मुसलमानों को भारत से निकालना हिंदुत्व नहीं:धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक; सभी रास्ते ईश्वर तक जाते हैं

RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, 'अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।' उन्होंने यह बात शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि वे खुद कोई धार्मिक विद्वान नहीं हैं। जिस समाज में वे काम करते हैं, उसकी परंपरा मानती है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है। सभी रास्ते ईश्वर तक जाते हैं। भागवत शनिवार देर रात यानी भारतीय समयानुसार एक बजे न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी स्पीच देंगे। इस कार्यक्रम में करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। भागवत ने कहा- धर्म हमें सत्य की ओर ले जाता है, 4 बातें एक दिन पहले भागवत दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन सेंटर का दौरा किया था। मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि आज दुनिया में कई तरह के संघर्ष हैं। ऐसे समय में ‘कृष्ण चेतना’ शांति ला सकती है। भागवत 26 सेकंड एवेन्यू स्थित उस जगह पर भी पहुंचे, जहां स्वामी प्रभुपाद ने जुलाई 1966 में इस्कॉन की स्थापना की थी। इसे मैचलैस गिफ्ट्स भी कहा जाता है। इस्कॉन इस साल अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस्कॉन के 120 देशों में 1,300 मंदिर हैं। 58 साल पुराना है अमेरिका का मैडिसन स्क्वायर गार्डन मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) न्यूयॉर्क शहर के मैनहैटन में स्थित एक मशहूर इनडोर एरिना है। यहां स्पोर्ट्स इवेंट, कंसर्ट, कॉमेडी शो और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। मौजूदा मैडिसन स्क्वायर गार्डन 1968 में बना। इसे 11 फरवरी 1968 को खोला गया। यह MSG नाम की चौथी इमारत है। इससे पहले इसी नाम से तीन और एरिना बन चुके थे। डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 में न्यूयॉर्क में अपनी राजनीतिक वापसी के दौरान यहां बड़ा कार्यक्रम किया था। रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन 2004 में और डेमोक्रेटिक पार्टी के सम्मेलन 1976, 1980 और 1992 में यहां हुए थे। 2018 में भी अमेरिका गए थे भागवत मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका गए थे। उन्होंने शिकागो में 7 से 9 सितंबर 2018 तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था। 2018 के इस दौरे की उपलब्ध रिपोर्टों में भागवत की किसी अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात या उन्हें किसी औपचारिक राजनयिक सम्मान दिए जाने का जिक्र नहीं मिलता। उनका दौरा मुख्य रूप से वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था।

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