शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को चार्ज:बोले- उम्मीदों पर खरा उतरूंगा; दीपके ने कहा- झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। शनिवार शाम करीब 8.15 बजे प्रधान के मंत्रालय का चार्ज प्रह्लाद जोशी को दे दिया गया है। जोशी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। प्रह्लाद ने कहा- मैं नई जिम्मेदारी पर खरा उतरूंगा। पीएम मोदी का शुक्रिया। पिछले कुछ सालों में देश की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की। दो पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी। चिट्ठी का यह हिस्सा नीचे हाइलाइट किया गया है। 12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में 'मी टू' आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके ने क्या कहा, पढ़ने से पहले ये कार्टून देखिए… दीपके बोले- कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं। जिन बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिसवालों पर एक्शन हो। CJP ने सोशल मीडिया पर कहा- कॉकरोच की जीत हुई। वांगचुक बोले- ये लोकतंत्र की जीत सोनम वांगचुक ने अस्पताल से किए पोस्ट में लिखा- यह लोकतंत्र की जीत है, प्रत्यक्ष लोकतंत्र... सड़कों से मिली जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और GenZ को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद। शाह बोले- भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पद से ज्यादा देश जरूरी भागवत के बयान के बाद आया प्रधान का इस्तीफा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।’ भागवत ने कहा था- आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है। भागवत का बयान आने के बाद ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। कल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त हुए थे शुक्रवार रात NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारी बर्खास्त किए गए थे। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की बात भी कही गई। एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला था। दीपके ने क्यों कहा- BJP कहती थी, हमारे यहां इस्तीफे नहीं होते जून 2015 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमारे यहां इस्तीफे नहीं होते हैं। यह UPA सरकार नहीं है। दरअसल, भाजपा सरकार पर भगोड़े ललित मोदी की गुपचुप तरीके से मदद करने के आरोप लगे थे। तब सुषमा स्वराज विदेश मंत्री थीं। कांग्रेस ने कहा कि ललित मोदी एक भगोड़ा अपराधी है, लेकिन सरकार उसकी मदद कर रही है। ऐसे में विदेश मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कभी पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे थे धर्मेंद्र, आज उसी मुद्दे पर इस्तीफा 29 साल पहले पेपर लीक मुद्दे पर धर्मेन्द्र प्रधान ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रधान के सहयोगी रहे प्रशांत राउत ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 1997 में ओडिशा में एक पेपर लीक हुआ था, तब प्रधान ने प्रदर्शन किया था।
इसमें करीब 1,500 छात्र शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था। धर्मेंद्र प्रधान को बुरी तरह पीटा गया था। उनके शरीर में कई जगह चोटें आईं और फ्रैक्चर भी हुआ था। मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट पिछले 5 दिन में क्या-क्या हुआ, यहां पढ़ें… 24 जुलाई- सरकार-CJP में दूसरे दौर की बातचीत; वांगचुक का अनशन खत्म 23 जुलाई- कॉकरोच जनता पार्टी बोली- सरकार बात करने जंतर-मंतर आए 22 जुलाई- सोनम वांगचुक बोले- सरकार से भरोसा मिला तो अनशन तोडूंगा 21 जुलाई- अभिजीत दीपके बोले- बात करना है तो सरकार खुद जंतर-मंतर आए 20 जुलाई- CJP का संसद मार्च, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई सिर फूटे ----------- ये खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर दीपके बोले- डेमोक्रेसी की सुबह हो गई मामू: अभी पहला विकेट गिरा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। राष्ट्रगान गाया। इस दौरान नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने स्टूडेंट्स के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। पूरी खबर पढ़ें…
Comments
Post a Comment