सोनम वांगचुक का अस्पताल में दवा लेने से इनकार:अस्पताल ने बताया- पोटेशियम की कमी; वांगचुक के डॉक्टर बोले- रिपोर्ट पर भरोसा नहीं
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन ने 2 बुलेटिन जारी करके बताया है कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन हुआ है, लेकिन उन्होंने दवा लेने से इनकार कर दिया है। वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। वजन भी 9.5 किलो तक कम हो चुका है। सुबह करीब 7 बजे पुलिस सिविल ड्रेस में पहुंची और वांगचुक को सफेद चादर में उठाकर ले गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। इधर वांगचुक को हॉस्पिटल भेजे जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे जब मंच से नीचे आकर बैठे तो एक महिला ने दीपके पर स्याही फेंक दी। सफदरजंग हॉस्पिटल से जारी वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन… रिपोर्ट में लिखी बड़ी बातें… भास्कर नॉलेज 1. कम्पनसेटेड एसिडोसिस क्या है: यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का pH बिगड़ने लगता है, लेकिन फेफड़े और किडनी उसे सामान्य रखने की कोशिश करते हैं। लंबे उपवास, डिहाइड्रेशन या अन्य कारणों से ऐसा हो सकता है। 2. पोटैशियम कम होने हाइपोकेलेमिया का खतरा: सामान्यतः रक्त में पोटैशियम 3.5–5.0 mEq/L के बीच होता है। इसके कम होने पर मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और गंभीर मामलों में हृदय की धड़कन प्रभावित हो सकती है। 3. कीटोन लेवल बढ़ना कितना घातक: स्वस्थ्य व्यक्ति में भी ब्लड कीटोन लेवल 3 से अधिक है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। यह हमेशा जानलेवा नहीं होता, लेकिन यह बताता है कि शरीर सामान्य तरीके से ऊर्जा नहीं बना पा रहा और वसा को बहुत तेजी से तोड़ रहा है। वांगचुक को ले जाने का पूरा घटनाक्रम, 3 तस्वीरों में देखें… वांगचुक के अलावा 3 स्टूडेंट भी भूख हड़ताल पर वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे अभी भी अनशन पर हैं। नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है। हाइपोग्लाइसीमिया वह स्थिति है जब खून में शुगर लेवल सामान्य से बहुत कम हो जाता है। आमतौर पर 70mg/dL से कम ब्लड शुगर को हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है। खबर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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