डीके शिवकुमार कर्नाटक CM बने, संविधान हाथ में लेकर शपथ:जी परमेश्वर उपमुख्यमंत्री बने; सिद्धारमैया के बेटे समेत 12 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली

डीके शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के लोक भवन में कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान वे हाथ में संविधान रखे हुए थे। उन्हें 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। जी परमेश्वर ने नए डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद की शपथ ली। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें पूर्व सीएम सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी शामिल हैं। शिवकुमार, सिद्धारमैया की जगह राज्य की कमान संभालेंगे। सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। शपथ से पहले की 8 तस्वीरें… शपथ में राहुल-खड़गे शामिल हुए नई कैबिनेट में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है। शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेस नेता शामिल हुए। शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया गया। डीके के पास 1400 करोड़ की संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ भी गए कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी हैं। इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है। 1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं। डीके पर 19 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रुपए मिले थे। इसी केस में वह 2019 में गिरफ्तार हुए। उन्हें 50 दिन तिहाड़ में बिताने पड़े थे। सीबीआई आय से ज्यादा संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है। सिद्धारमैया के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हो गए थे कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनकर उभरे। इसे देखते हुए फॉर्मूला निकाला गया कि दोनों ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। नवंबर 2025 में सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे हो गए, लेकिन वे तब भी CM बने रहने पर अड़े रहे। कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े सोर्स के मुताबिक तय फॉर्मूले के हिसाब से दिसंबर 2025 से शिवकुमार को CM पद संभालना था, लेकिन राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी सीनियर लीडर केरल में चुनावों की तैयारियों में व्यस्त थे, इसलिए तब ये बदलाव नहीं हो सका। 3 दिन में बदली कर्नाटक की राजनीति; सिद्धारमैया का इस्तीफा, शिवकुमार नए नेता… 30 मई: कांग्रेस विधायक दल की बैठक, शिवकुमार को नेता चुना गया 30 मई को बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने उनके नाम प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अब राज्य के 24वें मुख्यमंत्री बनेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 29 मई: सिद्धारमैया और शिवकुमार दिल्ली में राहुल-खड़गे से मिले कर्नाटक के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया। सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में सिद्धारमैया ने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए नए मंत्रिमंडल में अहम मंत्रालय की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें… 28 मई: CM सिद्धारमैया ने लोकभवन जाकर राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा दिया सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सचिव को इस्तीफा सौंपा है। गहलोत पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर थे। सिद्धारमैया ने उसी दिन अपने घर पर मंत्रियों के साथ बैठक की और फैसले की जानकारी दी। बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों गले मिले। पूरी खबर पढ़ें… -------------------------------------- कर्नाटक की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में सीएम बदलने के पीछे की कहानी, कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक या बीजेपी के भाग्य खुले कर्नाटक में कांग्रेस ने कार्यकाल के बीच सीएम बदल दिया। कहा जा रहा है कि ये फैसला एक सीक्रेट डील के तहत हुआ। आखिर कांग्रेस ने अचानक क्यों बदला सीएम और चुनाव से 23 महीने पहले हुआ यह फेरबदल कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा या नुकसानदेह? पढ़ें पूरी खबर…

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