उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल:4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया; आदित्य ने पाला बदलने वालों को बिकाऊ कहा
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 9 में से 6 सांसद सोमवार को एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए। बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले पर बैठक की। इसके बाद बागी सांसदों ने शिंदे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी बदलने का ऐलान किया। इस दौरान शिंदे ने कहा- जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब छक्के लग चुके हैं। हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए। उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने X पर लिखा- पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातोंरात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया। 6 सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। वहीं उद्धव गुट में 9 में से सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। 2022 के बाद शिवसेना में दूसरी बार टूट हुई। उद्धव की बैठक में 4 विधायक नहीं पहुंचे इससे पहले उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLC) के साथ बैठक की, जिसमें मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक में उद्धव गुट के 4 विधायक निजी कारणों से नहीं पहुंचे। पार्टी ने 2024 के विधानसभा चुनाव में 288 में 20 सीटें जीती थीं। राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए उद्धव ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से कहा- उन्हें (बागी सांसदों को) अपना पक्ष रखने दीजिए। सही समय आने पर हम अपना पक्ष रखेंगे। वहीं पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी। इससे पहले संजय राउत ने X पर बताया था कि उद्धव 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे। जारी शेड्यल के अनुसार, उद्धव 27 जून को यवतमाल, वाशिम और हिंगोली जाएंगे। 28 जून को परभणी और धाराशिव का दौरा करेंगे। 29 जून को शिर्डी पहुंचेंगे। लोकसभा में शिंदे गुट के 13 सांसद, उद्धव गुट में सिर्फ 3 बचेंगे बागी सांसद संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश राजे निंबालकर 18 जून को शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बैठक में सिर्फ 3 सांसद- अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा था कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया है। जो बैठक में नहीं आएगा वो गद्दार है। उद्धव बोले- भाजपा ने पाप किया, दूसरों के बच्चे चुराती है उद्धव ने 21 जून को मुंबई के भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- शिवसेना ने जिस भाजपा को उसके शुरुआती दौर में आगे बढ़ने में मदद की, आज वही शिवसेना तोड़ने का पाप कर रही है। उद्धव ने कहा- भाजपा दूसरों के बच्चे चुराने का काम करती है। बालठाकरे की बनाई शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने या उसका नाम छीनने की कोशिश नहीं की। उद्धव ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा- मेरे नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली और एकमात्र शिवसेना है। दरअसल, शाह ने 20 जून को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक रैली में कहा था कि पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर शिवसेना के शिंदे गुट का जिक्र करना पड़ता था। अब कोई गुट नहीं है। अब सिर्फ एक ही शिवसेना है। दो सांसद पहले ही शिंदे गुट में जाने की पुष्टि कर चुके उद्धव गुट की शिवसेना के दो सांसद पहले ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि कर चुके हैं। बागी सांसदों में नागेश पाटिल अष्टीकर और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर ने रविवार को शिंदे गुट में जाने की पुष्टि की थी। उन्होंने इसके पीछे फंड की कमी समेत कई कारण बताए थे। नागेश पाटिल आष्टीकर ने सोशल मीडिया पर कहा- मैं पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से बिल्कुल भी नाराज या परेशान नहीं हूं। बगावत का मुख्य कारण निर्वाचन क्षेत्र का विकास और धन की कमी है। 6 सांसदों को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं। इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा। आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके। उद्धव गुट में 4 साल में दूसरी बार टूट जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। अब 6 सांसदों की बगावत पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट है। शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं। शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उद्धव की पार्टी टूटी, राउत ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में गाली दी, 9 में से 6 सांसद बागी महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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