मोदी बोले- भारत समुद्र से आकाश तक सुरक्षित:देश में 40 से ज्यादा C-295 विमान बनाए जा रहे, योग में भारत ने 114 पदक जीते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें एपिसोड में कहा- समुद्र से लेकर आसमान तक भारत सुरक्षित है। पीएम मे हाल में टेस्ट की गईं जमीन से हवा में हमला करने वालीं मिसाइलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा- जून के महीने में ही देश ने विमानन क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मेड इन इंडिया अभियान के तहत तैयार किए गए C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुझे कोलकाता में नौ-सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वहां INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन शिप की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ स्वदेशी है। पीएम ने कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के कई कार्यक्रम हुए। अहमदाबाद में आयोजित 'विश्व योगासन चैम्पियनशिप' की भी बड़ी चर्चा हुई। इस चैम्पियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते हैं, जिनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा है। पीएम मोदी की मन का बात की प्रमुख बातें महाराष्ट्र के परिवार का जिक्र’ पीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार ने घर में विवाह के मौके पर अपने गांव के लगभग साढ़े तीन हजार लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की। हर व्यक्ति को एक लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया। नगालैंड की 2 लीग का चर्चा पीएम मोदी ने कहा कि नगालैंड में दो ऐसी लीग होती हैं जो सबको इंस्पायर कर सकती हैं। इनमें से एक का नाम है नगालैंड बेबी लीग। यह 5 से 12 वर्ष के छोटे-छोटे बच्चों की असाधारण लीग होती है। यह उनकी रफ्तार और प्रतिभा को प्रेरित करती है। यह लीग 3 वर्ष पूरे कर चुकी है। नगालैंड विमेन फुटसल लीग: फुटसल को आम भाषा में इंडोर फुटबॉल कहा जाता है। इसमें 5 खिलाड़ी होते हैं। यह सामान्य से छोटा मैदान होता है। तेजी से फैसले लेने होते हैं। असम के हरगिला पक्षी की बात पीएम मोदी ने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उस पक्षी का नाम है 'हरगिला'। 'हरगिला' एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था। लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसले बने होते थे। इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गाँवों की पहचान बनने लगा। हजारों ग्रामीण महिलाएं 'हरगिला' को बचाने के लिए आगे आईं। आज उन्हें 'हरगिला आर्मी' के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया। समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है। नालंदा विश्वविद्यालय की परंपरा पीएम मोदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ की हमारी प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है। शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है। ये वाद-संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ, अपनी बात कहना बहुत जरूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। दिल्ली सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्र पीएम ने कहा कि दिल्ली में स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बी-टेक प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। ये आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI टूल्स तैयार करने में मदद मिलेगी। हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के काम को भी नई गति मिलेगी। 'मन की बात' के पिछले 5 एपिसोड... 134वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा- देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशन आयोजित किए जाते हैं।'खगोल मण्डल' नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरू किया है। ऐसे ही केरलम और गुजरात में भी एस्ट्रोनॉमी इवेंट आयोजित किए जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 133वां एपिसोड: पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…
132वां एपिसोड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ------------------ PM मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, VIDEO: 256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे। हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। पूरी खबर पढ़ें…
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