ममता ने अपनी हार को हाईकोर्ट में चुनौती दी:भवानीपुर में शुभेंदु से 15,105 वोट से हारी थीं, काउंटिंग के दौरान मारपीट का आरोप लगाया था
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव नतीजे को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मंगलवार को वह खुद याचिका दाखिल करने हाईकोर्ट पहुंचीं। उन्होंने कोर्ट से चुनाव परिणाम की वैधता की जांच करने की मांग की है। भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। ममता इस सीट से पहले तीन बार विधायक रह चुकी हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे। ममता बोली थीं- मुझे धक्का दिया, मारा-पीटा रिजल्ट से एक दिन पहले 3 मई को काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा हुआ था। TMC कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि BJP के झंडे वाली कार को बिना जांच के भवानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम परिसर में एंट्री दी गई। वहीं स्ट्रॉन्गरूम में ममता बनर्जी करीब 4 घंटे रहीं थीं। ममता ने आरोप लगाया कि राज्य की कई सीटों पर जानबूझकर मतगणना रोकी गई। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि केंद्रीय बलों और भाजपा के दबाव में काम हो रहा है। काउंटिंग की शाम करीब 8 बजे ममता काउंटिंग सेंटर से बाहर आईं और कहा कि उनके पोलिंग एजेंट को जबरन बाहर निकाला गया। ममता का आरोप था कि उन्हें धक्का दिया गया और काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा- मुझे मारा-पीटा गया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा था- ममता ड्रामेबाजी कर रहीं शुभेंदु अधिकारी ने ममता के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि ममता ड्रामेबाजी कर रही हैं और इससे चुनाव परिणाम नहीं बदलने वाला। शुभेंदु ने कहा था कि ममता हार की आशंका से परेशान हैं और ईवीएम से जुड़े आरोप निराधार हैं। बंगाल में भाजपा पहली बार जीती पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। भाजपा ने 208 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 80 सीटें मिली थीं। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। 2021: नंदीग्राम में हार के बाद भी ममता हाईकोर्ट पहुंचीं थीं शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को करीब 1,956 वोटों से हराया था। 17 जून 2021 को ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी। रिजल्ट के बाद टीएमसी ने रीकाउंटिंग की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया था। ----------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को धमकी दे रही, लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी, लडूंगी या मर जाऊंगी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में धरना दिया। धरना स्थल पर बनर्जी ने कहा- हमें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई। पुलिस TMC वर्कर्स को प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की धमकी दे रही है लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…
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