SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर:विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला; अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे
मतभेद की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने दिल्ली में बैठक की। चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन लोगों के SIR में नाम काटे गए हैं, उनके दावे और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाई गई है। जिन लोगों को नाम मैप नहीं होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजा गया है, बीएलओ उनके घर जाकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा। SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में काटे गए। यह बैठक तब हुई जब ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच चुनाव आयोग के फैसलों पर मतभेद का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी ने आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। EC ने फॉर्म 6 को लेकर स्थिति साफ की चुनाव आयोग ने कहा कि SIR के दौरान Form 6 के साथ जोड़ी गई घो...