वसुंधरा बोलीं- मैं शेरनी, राजस्थान के लोगों के लिए लगाऊंगी जान
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी गौरव यात्रा के अंतिम चरण की शुरुआत गुरुवार को अजमेर संभाग से की. यहां पर एक दर्जन सभाओं को संबोधित करते वसुंधरा राजे ने कांग्रेस को ललकारते हुए कहा, 'मैं एक शेरनी हूं. शेरनी बनकर राजस्थान के लोगों की रक्षा करूंगी.'
उन्होंने कहा, 'जैसे शेरनी जंगल में अपने बच्चों की रक्षा के लिए जान लगा देती है. उसी तरह से मैं राजस्थान के परिवार के लिए जान लगा दूंगी. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस 4 सालों से बिल में समाई हुई थी. अब चुनाव देख कर बिल से बाहर आ गई है. लोगों को झांसा देने का काम कर रही है. इनके पास बातें तो बहुत है लेकिन काम करने के लिए कुछ भी नहीं है.'
बता दें कि वसुंधरा राजे अपनी सारी सभाओं में ज्यादतर समय अपने कामों को गिनाती रहती हैं. हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत लगातार वसुंधरा राजे के दिए गए भाषणों के खिलाफ अपना बयान देते रहते हैं. वसुंधरा राजे के राजस्थान के लोगों के परिवार की रक्षा करने को लेकर दिए जा रहा है बार-बार के बयान पर कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि वसुंधरा राजे ने प्रदेश के लोगों पर भारी कर्ज डाल दिया है जिसके बोझ तले लोग दबे हुए हैं.
वसुंधरा राजे ने अजमेर संभाग की यात्रा नागौर जिले मेड़ता के मीरा मंदिर से शुरू की. इसके बाद अजमेर जिला और टोंक जिले में यात्रा जाएगी. 4 अक्टूबर को गौरव यात्रा खत्म होगी. इस मौके पर 6 अक्टूबर को अजमेर में इसके समापन के लिए बड़ी रैली रखी जा रही है, जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकेंगे.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वसुंधरा राजे के साथ मिलकर 6 अक्टूबर को अजमेर में बड़ी सभा कर बीजेपी के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अब तक जितनी भी सभाएं हुई हैं सारे के सारे सरकारी कार्यक्रम रहे हैं. पहली बार राजनीतिक रैली हो रही है. हालांकि, मोदी इससे पहले 28 सितंबर को जोधपुर में सेना के तीनों कमान को संबोधित करने आ रहे हैं.
इससे पहले केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करने के लिए भी आए थे. अमित शाह राजस्थान के सभी संभागों के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद 4 अक्टूबर को एक बार फिर से भरतपुर में आएंगे. यहां पर अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को संबोधित करेंगे. बीजेपी का खास फोकस इस बार अनुसूचित जाति-जनजाति के वोटरों पर है, जो कि राजस्थान में करीब में तीस फीसदी हैं.
वहीं बीजेपी के आक्रमक चुनाव प्रचार अभियान को देखते हुए कांग्रेस ने भी रणनीति बदली है. राहुल गांधी की एक दिन में एक सभा की रणनीति को बदलते हुए इस बार बीकानेर संभाग में 8 से 11 अक्टूबर के बीच 2 से 3 दिन के कार्यक्रम बनाए जा रहे. इसमें एक साथ बीकानेर में रैली करने के अलावा हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के जिलों में भी जाएंगे.
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