TMC का आरोप- चुनाव आयोग ने 5 मिनट में भगाया:SIR पर आपत्ति जताने गए थे; EC ने कहा- इस बार बंगाल में चुनाव भय मुक्त होंगे
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग आमने-सामने आ गए हैं। सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा। डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ'ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। उधर, विपक्षी दलों ने आज शाम इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कांग्रेस, TMC, सपा, DMK, AAP, RJD, शिवसेना (UBT), CPI(M) और CPI के नेता शामिल हुए। चुनाव आयोग ने कहा- बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित होंगे टीएमसी के साथ बैठक खत्म होने के बाद चुनाव आयोग ने सुबह 10:20 बजे सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया- चुनाव आयोग की टीएमसी को दो टूक। बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित और हिंसा रहित होंगे। डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा- चुनाव आयोग बैठक का वीडियो जारी करे चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने डेरेक ओ’ब्रायन से बैठक में शालीनता बनाए रखने को कहा था। लेकिन डेरेक आयोग के परिसर में चिल्लाने लगे और अनुचित व्यवहार करने लगे। प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ ब्रायन के अलावा साकेत गोखले, मेनका गुरुस्वामी और सागरिका घोष शामिल थीं। बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम हटे
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग अब फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे। केजरीवाल बोले- बीजेपी के अंडर काम कर रहा EC AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, अब ये कहने की भी जरूरत नहीं कि चुनाव आयोग सीधे बीजेपी से निर्देश लेकर और बीजेपी के अंडर में काम कर रहा है। यह अब जग जाहिर है। कम से कम ऐसी भाषा के ट्वीट करके इतने अहम संस्थान की इज्जत तो सरेआम मत उछालिए। टीएमसी ने चुनाव आयोग के 'भयमुक्त चुनाव' वाले पोस्ट पर आपत्ति जताई। पार्टी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, चुनाव आयोग को दो टूक। क्या किसी निष्पक्ष संवैधानिक संस्थान से यही उम्मीद की जाती है? सीधे शब्दों में कहें तो अब अपना मुखौटा उतार दो! चुनाव आयोग vs TMC तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं… दिसंबर 2025: SIR शुरू होते ही TMC ने BLO पर काम के बोझ और बंगाली मतदाताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। 6 जनवरी 2026: TMC SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। 4 फरवरी 2026: ममता बनर्जी SIR के खिलाफ खुद बहस में शामिल हुईं। 28 फरवरी 2026: ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में कोई हेरफेर करता है, तो वह धरने पर बैठेंगी। 6–10 मार्च 2026: ममता बनर्जी ने SIR के तहत नाम हटाए जाने के खिलाफ 5 दिन का धरना शुरू किया। मार्च 2026: आचार संहिता लागू होते ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के DGP समेत कई बड़े अधिकारियों का ट्रांसफर किया। 1 अप्रैल 2026: मालदा में वोटर लिस्ट से नाम हटने के विरोध में भीड़ ने कालियाचक BDO कार्यालय में 7 न्यायिक अधिकारियों को 9+ घंटे तक घेरे रखा। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बनर्जी ने भवानीपुर से नामांकन भरा:भाजपा के सुवेंदु अधिकारी यहां से उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन भरा। भाजपा ने इसी सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। वे नेता विपक्ष भी हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Comments
Post a Comment