भाजपा की रितु तावड़े BMC महापौर पद की उम्मीदवार:शिंदे गुट ने संजय घाड़ी को डिप्टी मेयर के लिए चुना, चुनाव 11 फरवरी को
मुंबई में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए BJP और शिवसेना ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। BJP की रितु तवाड़े ने शनिवार को महापौर पद के लिए नॉमिनेशन दाखिल किया, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) ने संजय घाड़ी को डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। तवाड़े और घाड़ी ने नगर निगम सचिवालय में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। मेयर का चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगा। संभावना है कि शिवसेना ठाकरे गुट भी मेयर पद के लिए उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। BJP नेता अमित साटम ने रितु तवाड़े का नाम घोषित किया। तवाड़े वार्ड 132 की पार्षद हैं। रितु तवाड़े 8वीं महिला मेयर हो सकती हैं… BMC में शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं रितु पहली बार 2012 में वार्ड संख्या 127 से पार्षद चुनी गई थीं। 2017 में घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से पार्षद बनी थीं। वे पहले मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। शिवसेना 15 महीने पर बदलेगी डिप्टी मेयर शिवसेना के सचिव संजय मोरे ने कहा कि घाड़ी अगले 15 महीने तक डिप्टी मेयर के रूप में काम करेंगे। घाड़ी पहले शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ कॉरपोरेटर थे। बाद में उन्होंने एकनाथ शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना जॉइन की। शिवसेना ने डिप्टी मेयर का पद चार हिस्सों में बांटकर चार अलग-अलग पारष्दों को मौका देने का फैसला किया है। यह कदम पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने और वरिष्ठ नेताओं को मौका देने के लिए लिया गया है। बेजेपी सबसे बड़ी पार्टी
227 सदस्यीय BMC चुनाव में BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। बीजेपी को कुल 11,79,273 वोट (21.58%) मिले थे। BJP के सभी विजेता उम्मीदवारों का कुल वोट शेयर 45.22% रहा। उसके गठबंधन साथी शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं। मेयर के पास क्या-क्या पावर होती है बीएमसी में मेयर और कमिश्नर दो पद सबसे बड़े होते हैं। मेयर नगर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं। शहर का औपचारिक प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रस्तावों और बहसों पर चर्चा करते हैं। मतलब मेयर का काम ज्यादातर औपचारिक और प्रतिनिधित्व तक सीमित होता है। जबकि असली प्रशासनिक और कार्यकारी जिम्मेदारी कमिश्नर के पास होती है। कमिश्नर शहर का रोजमर्रा प्रशासन चलाते हैं। बजट, शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और कर्मचारियों का कंट्रोल उनके हाथ में होता है। कमिश्नर आम तौर पर IAS अधिकारी होते हैं। BMC चुनाव क्यों है खास 74,000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी BMC पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। तब BJP उसकी सहयोगी थी। मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है। -------------- ये खबर भी पढ़ें…. 30 साल बाद मुंबई में ठाकरे परिवार सत्ता से बाहर:पहली बार बीजेपी का मेयर बन सकता है; 4 साल से चुनाव न होने से पद खाली मुंबई के इतिहास में पहली बार भाजपा का मेयर हो सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव रिजल्ट में भाजपा गठबंधन ने कुल 227 सीटों में से 118 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें से भाजपा ने 89, शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीतीं। पूरी खबर पढ़ें…
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