ब्रह्मपुत्र के नीचे टनल बनेगी, ट्रेन और दूसरे वाहन चलेंगे:भारत में ऐसी सुरंग पहली बार; 6 घंटे का सफर 20 मिनट में तय होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली रोड-कम-रेल टनल समेत फोर लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई। इसकी कुल लागत ₹18,662 करोड़ होगी। यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल परियोजना होगी, जिसमें एक ही सुरंग में रोड और रेल लाइन होगी। ट्रेन और गाड़ियां एक साथ चलेंगी। इसे इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) के बीच 15.79 किमी लंबी टनल बनाई जाएगी। अभी नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच करीब 240 किमी की दूरी तय करने में 6 घंटे का समय लगता है। इस प्रोजेक्ट के बाद यह घटकर 20 मिनट रह जाएगा। टनल से होने वाले फायदे अभी चैनल टनल ही एकमात्र अंडरवाटर रोड-कम-रेल टनल दुनियाभर में अभी चैनल टनल ही एकमात्र अंडरवाटर रोड-कम-रेल टनल है। यह टनल इंग्लिश चैनल के नीचे बनी है, जो यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को आपस में जोड़ती है। यह टनल 1994 में आम नागरिकों के लिए खोली गई थी।
इस टनल की कुल लंबाई लगभग 50.45 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 37.9 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे स्थित है। यह दुनिया की सबसे लंबी अंडर सी टनलों में से एक है। नोएडा मेट्रो का 11.56 किमी विस्तार मंजूर केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे विस्तार कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा का मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी लंबा हो जाएगा। इससे बॉटनिकल गार्डन पर ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा होगी। व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव होगा। ट्रैफिक में कमी आएगी। 1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड मंजूर कैबिनेट मीटिंग में शहरी अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता वाले अर्बन चैलेंज फंड (UCF) को मंजूरी दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू होगी। छोटे शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना को भी मंजूरी मिली है। इन शहरों को लाभ होगा- PMO को सेवा तीर्थ में शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित कैबिनेट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से नव निर्मित ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट करने के फैसले पर भी प्रस्ताव पारित किया गया। सरकार ने इस फैसले को इतिहास और भविष्य का मिलन बताया है। प्रस्ताव में कहा गया कि अब नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को मिलाकर ‘युग-युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ बनाया जाएगा, जहां भारत के इतिहास और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) दफ्तर की जरूरत महसूस की जा रही थी। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी वायुसेना के एयरक्राफ्ट से असम के हाईवे पर उतरे, ऐसा करने वाले पहले PM प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुवाहाटी में कहा- कांग्रेस ने देश को खतरे में डालकर रखा था। कांग्रेस ने जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे, उसका मतलब हजारों करोड़ का घोटाला था। पूरी खबर पढ़ें…
Comments
Post a Comment