असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बोले- राहुल भी अपमानित हैं:फिर मेरे अपमान की क्या कीमत; बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे

असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने गुरुवार को कहा कि मैंने राहुल गांधी से कहा कि मैं पार्टी में अपमानित महसूस कर रहा हूं। तो उन्होंने कहा कि वह भी अपमानित हैं। फिर मेरे अपमान की क्या कीमत रह जाती है? मैं इतना अपमान सहने की क्षमता नहीं रखता। बोरा ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि इस्तीफे के बाद राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया था। उसी दौरान राहुल गांधी से ये बातचीत हुई थी। भूपेन बोरा ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। गौरव गोगोई पर गठबंधन तोड़ने का आरोप बोरा ने कहा कि किया प्रियंका गांधी के असम दौरे से पहले 9 तारीख को बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि जल्द गठबंधन बनाया जाए और इसकी जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। प्लान था कि प्रियंका गांधी के पहुंचने पर सभी दल मिलकर गठबंधन की घोषणा करेंगे। बोरा ने दावा किया कि गौरव गोगोई ने गठबंधन इसलिए तोड़ा क्योंकि गठबंधन सरकार बनने पर वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। कई सीनियर नेताओं का भी अपमान हुआ है। अब पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश करेगी। बोरा बोले- पिता का स्टेडियम बनाने का सपना था असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि बोरा ने भाजपा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से 50 करोड़ रुपए लिए हैं। इस पर बोरा ने कहा कि अगर कोई मुझे 50 करोड़ रुपए देगा, तो मैं प्रेस के सामने लूंगा। बोरा ने कहा कि उनके पिता का सपना एक स्टेडियम बनाने का था। इसके लिए 12 बीघा जमीन अलग रखी गई थी। मैं दो बार विधायक रहा, लेकिन यह सपना पूरा नहीं कर सका। मेरे पिता का 2019 में निधन हो गया। बोरा ने कहा कि आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए 50 करोड़ रुपए भी पर्याप्त नहीं होंगे, लेकिन यदि इतनी राशि मिलती है तो वह काम शुरू कर देंगे। 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे बोरा, दो बार विधायक रहे असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। भूपेन बोरा राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता थे। वे 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे। वे 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार विधायक रह चुके हैं। बोरा 2026 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिहपुरिया या रंगनदी से चुनाव लड़ सकते हैं। बोरा के भाजपा में जाने के राजनीतिक मायने 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बोरा के भाजपा में शामिल होने की खबर कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भूपेन बोरा असम कांग्रेस में हिंदू खिलंजिया असमिया समुदाय के प्रमुख नेता थे। उनके इस्तीफे से कांग्रेस को ऊपरी असम (उजनी असम) और उत्तरी असम में लगभग 45 विधानसभा सीटों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में कांग्रेस के पास प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया के सिवा कोई बड़ा हिंदू असमिया नेता नहीं बचा है। हिंदू बेल्ट में पहले से ही वोट बैंक खो रही कांग्रेस के लिए भूपेन बोरा का जाना बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा। --------- ये खबर भी पढ़ें… असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाजपा जॉइन करेंगे:22 फरवरी को सदस्यता, CM हिमंता ने मुलाकात की; बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर आखिरकार मुहर लग गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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